मुश्किल होता है जब आप ख़ुद के बारे में बात कर रहे होते है,अपने बिषय में,एक पागल पथिक या मंजिल की तलाश में दर बदर भटकता एक अदना सा लड़का जो आदमी यूं कहें इन्सान बनने की जुगत में बेइंतहा भटक रहा है,आग है,जूनून है,हौसला और ढेर सारी वो कागजी बाते भी हैं जो तथाकथित तौर पर सफलता की कुंजी होती हैं,हाँ तो बात करनी थी ख़ुद के विषय में तो...एक असामान्य सी मानसिक द्वंद से जूझता एक सामान्य सा लड़का.एक लड़का जिसे अपने कठोर इरादों की तपिश में इतनी काबिलियत महसूस होती है की सारी दुनिया के वैचारिक ग्लेशियर को गला कर संवेदनाओं के निर्मल जल में तब्दील कर देगा,शायद और भी बहुत कुछ